....प्यार तो मैं भी करती हू ओर प्यार वॉ भी करता हे फिर हमारे-आपके प्यार में इतना फर्क क्यूँ हैंहैं
.....मेरी आखें ना जाने कितने लोंगो को देखती हैं पर मेरी आखों को बो सुकून नही मिलता जो सिर्फ़ तुम्हे देखकर मिलता हैं 🥰🥰
...मेरे अन्दाज़ की क्या बात करते हो जनाव लोग मेरा अन्दाज़ देखकर अपना अन्दाज़ बदल लेते हैहै
.....मेरी आखें हमेशा उसे देखना चाहती हे उसे हमेशा अपने पास रखना चाहती है पर बो हमेशा मेरी आखों से दूर रहेना चाहता हैहै
...खुली आँखों से दिखता हैं ज़माना सारा,
तुझे देखने के लिए अक़्सर मुझे अपनी आँखें बंद करनी पड़ती हैं।
....मेरी खुसी तेरी बन जाए एसी दुआ है मेरी रब से मेरी खुसी के आगे तेरी खुसी कम लगे तुझे एसी दुआ हैं मेरी रब से 🤲🤲
...कभी मेरे साथ बेठ कर देखो जनाव तुम्हें भी पता चल जायेगा की इस दिल में कितना दर्द हैहै
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